अमरोहा में नायब तहसीलदार ने मुस्लिम लेखपाल को बताया जिहादी, साथी लेखपाल भड़के

Time Report Amroha : यूपी के अमरोहा में नायब तहसीलदार द्वारा तहसील में कार्यरत मुस्लिम लेखपाल को जिहादी कहने पर हंगामा हो गया। साथी लेखपाल अफसर की भाषा को अमर्यादित बताते हुए विरोध में उतर आए। लेखपाल संघ ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर शब्दों को वापस लेने व माफी की मांग की।

अमरोहा की मंडी धनौरा तहसील में इस्तेकार अली बतौर लेखपाल कार्यरत है। आरोप है कि यहां तैनात नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह ने हल्का लेखपाल इस्तेकार अली को फोन किया। पूछा क्या आप उर्दू पढ़ सकते है। आरोप है कि लेखपाल के ना कहते ही नायब तहसीलदार आपा खो बैठे। कहा, कैसे जिहादी हो उर्दू नही आती। नायब तहसीलदार के यह शब्द सुनकर लेखपाल स्तब्ध रह गए। लेखपाल ने इसकी जानकारी लेखपाल संघ के साथी पदाधिकारियों को दी।

लेखपाल इस्तेकार अली का आरोप है कि नायब तहसीलदार की इस तरह की भाषा से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मसले में उचित कार्रवाई की मांग की। वहीं संघ के अध्यक्ष विकास यादव ने कहा कि अफसरों द्वारा किसी भी लेखपाल का उत्पीड़न बर्दाश्त नही किया जाएगा। नायब तहसीलदार की भाषा अमर्यादित है। उन्हें इन शब्दों को वापस लेने के साथ ही माफी मांगनी चाहिए। दूसरी नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नही कहा, इसलिए शब्दों को वापस लेने का कोई मतलब नहीं। उनका कहना है कि जिहादी कोई गलत शब्द नही है।

मामले को लेकर लेखपाल संघ बैनर तले साथी लेखपाल एकत्र हुए और नायब तहसीलदार की भाषा पर कड़ा एतराज जताया। संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि नायब तहसीलदार पूर्व में भी कई लेखपाल के साथ दुर्व्यवहार कर चुके है। किसी भी लेखपाल साथी के मान सम्मान के साथ समझौता नही किया जाएगा।

मामले को लेकर लेखपालों का एक प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार से भी मिला। उन्होंने नायब तहसीलदार की भाषा को अमर्यादित बताते हुए माफी की मांग की। साथ ही तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में विकास यादव, अनुज सैनी, इस्तेकार अली, सचिन कुमार, अनुज सैनी, उपेन्द्र, मुज्जमिल हुसैन, निशांत, रोहित यादव, शंकर, रमेश सैनी आदि मौजूद थे।

यहां समझिए जिहाद का मतलब
जिहाद अरबी का शब्द है। जिसका अर्थ है संघर्ष करना। भारत में इसके अलग अलग अर्थ निकाले जाते है इसलिए यहां जिहाद का मतलब नकारात्मक माना जाता है। जबकि इस्लाम में जिहाद के चार अर्थ है- दिल से, जबान से, हाथ से, तलवार से।

1. दिल से जिहाद का अर्थ है- अपने अंदर बसी बुराइयों के शैतान से लड़ना।
2. जबान से जिहाद का अर्थ है-हमेशा सच बोलना और इस्लाम के पैगाम को व्यक्त करना।
3. हाथ से जिहाद का अर्थ है- अन्याय या गलत का शारीरिक बल से मुकाबला करना, इसमें तलवार यानी शस्त्र वर्जित है।
4. यह तलवारी व सशस्त्र जिहाद है।

 

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories

error: Content is protected !!